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जो अमृत पीता है वो देव, जो विष पीता है वो महादेव कहलाता है
इंदौर। जीवन में जिसने भगवान शिव को साध लिया, उस पर सभी-देवी-देवताओं की कृपा और-आशीर्वाद बरसता है। जब-जब भी धरा या देवलोक में कोई भी संकट आया, भूत भावन शंकर भगवान ही तारणहार बने और सबका उद्धार किया। इसलिए भगवान शिव को देवों का देव कहा जाता है। भगवान के जो भी अवतार हुए है, सभी में सर्वकल्याण का भाव है, इसीलिए शिव आराधना से जीवन को सार्थक बनाया जा सकता है।
यह बात कथा मर्मज्ञ पं. प्रदीप मिश्रा ने अन्नपूर्णा क्षेत्र माहेश्वरी समाज एवं महिला मंडल द्वारा दस्तूर गार्डन में आयोजित शिव महापुराण कथा महोत्सव में कही। पं. मिश्रा ने भगवान शिव के विभिन्न अवतार के बारे में सविस्तार बताया।
उन्होंने आगे कहा समुद्र मंथन में जब अमृत और विष निकले तो यह प्रश्न उठा कि विष का क्या करें, तब विष को भगवान शिव के पास भेजा गया। इस पर माता पार्वती क्रोधित हुई तो भगवान ने कहा कि जो अमृत पीता है वो देव कहलाता है, जबकि जो विष पीता है, वो महादेव कहलाता है, इसलिए मैं विषपान करूंगा। इस पर माता पार्वती धर्मपत्नी का कर्तव्य निभाते हुए शिव केे कंठ में जाकर बैठी और विष को अपने हाथों में झेल लिया, इसीलिए भगवान नीलकंठ कहलाए।

पं. मिश्रा ने कथाक्रम को आगे बढ़ाते हुए कहा कि जहां भी शिवलिंग होता है, उसकी पूजा करने के बाद अलग से गणेशजी, पार्वतीजी, कार्तिकेय की पूजा की आवश्यकता नहीं है, क्योंकि शिवलिंग में संपूर्ण परिवार समाहित है।भगवान शिव के मंदिर में घर से लाये पानी को चढ़ाने से काल सर्प दोष का निवारण होता है। गौमाता में 33 करोड़ देवी-देवताओं का वास है इसीलिये गाय को रोटी देने से पितृ दोष निवारण होता है। पं. मिश्रा ने कहा कि आप कहीं भी रहें, कुछ भी करें लेकिन आपका ध्यान सदैव प्रभु भक्ति में ही होना चाहिए। कथा केवल सुनने से भला नहीं होता अपितु जीवन में उतारने से भला होता है।
रिद्धि-सिद्धि विवाह धूमधाम से संपन्न
मीडिया प्रभारी रामस्वरूप मूंदड़ा ने बताया कि कथा प्रसंग में रिद्धि-सिद्धि विवाह उत्सव मनाया गया। वर पक्ष गोविंदास विष्णुदास पसारी परिवार गाजे-बाजे के साथ परिसर में पधारें जहां वधु पक्ष की ओर से बाहेती परिवार ने उनकी अगवानी की। प्रारंभ में व्यासपीठ का पूजन अध्यक्ष अजय सोडानी, सरला हेड़ा, अशोक डागा, गोपालदास राठी, आशा साबू, ज्योति नागौरी ने किया । इस अवसर पर बंशीलाल किरण, सीमा माहेश्वरी, ज्योति लाहोटी, अंजना मूंदड़ा आदि मौजूद थी। कथा षनिवार को दोपहर 2 से 5 बजे तक जारी रहेगी।


